सबइ नऽ खोल्या नाग पिटारा
थारा हाल बता तू प्यारा। उनका तो छे वारा-न्यारा। तू बी खातो मीठी कयरी, कदी अम्बो लगावता अज्या* थारा। ...
Jitendra Jaiswal द्वारा 7 अगस्त, 2008 8:53:00 PM IST पर पोस्टेड
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एक ज्ञान की बात
एक ज्ञान की बात सुणाऊँ, जरा तुम सुणता जाजो रे, रस्तऽ चखतऽ मिलऽ सबई ख तुम कहेता जाजो रे, विद्या को तो ...
Jitendra Jaiswal द्वारा 2 अगस्त, 2008 5:20:00 PM IST पर पोस्टेड
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शरणागति
प्रभु! हऊँ कईं करुँगा थारी शरणागति ली नऽ म्हारा सगळा दुश्मन तो- पयलऽज शरणागत छे थारा - हृदयेश ...
Jitendra Jaiswal द्वारा 7 अगस्त, 2008 8:54:00 PM IST पर पोस्टेड
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कुछ मालवी दोहे
नाम अमरसिंग रखवा से कोई अमर नी होए, मनख जिंदगी में आज मरिया ने कल दो दिन होए। आँख पे पट्टी ...
Jitendra Jaiswal द्वारा 2 फ़रवरी, 2008 6:08:00 PM IST पर पोस्टेड
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मालवा क्षेत्र की सीमा
भारत के अन्य राज्यों की भांति मालवा की भी राजनीतिक सीमाएं राजनीतिक गतिविधियों व प्रशासनिक कारणों से ...
Jitendra Jaiswal द्वारा 14 फ़रवरी, 2008 7:24:00 PM IST पर पोस्टेड
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पीजी कॉलेज के छात्र पढ़ रहे हैं मालवी का लोक साहित्य
मंदसौर। मंदसौर पीजी कालेज में मालव माटी की महक ने माहौल में अनूठी रंगत भर दी है। यहां पहली बार लोक ...
Jitendra Jaiswal द्वारा 2 फ़रवरी, 2008 5:59:00 PM IST पर पोस्टेड
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"मालवा' शब्द की उत्पत्ति
"मालवा तथा "मालया दोनों ही शब्द हमें विभिन्न साहित्यिक स्रोतों, अभिलेखों व सिक्कों में मिलता है। ...
Jitendra Jaiswal द्वारा 7 फ़रवरी, 2008 9:01:00 PM IST पर पोस्टेड
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जिनगी का थपेड़ा मऽ
जिनगी का थपेड़ा मऽ हम तो भण्डई गया, सोच्यो कईं थो नऽ, हाल कईं हुई गया। खिल्यो-खिल्यो रूप थो, नऽ कसी ...
Jitendra Jaiswal द्वारा 16 मई, 2008 2:10:00 PM IST पर पोस्टेड
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