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खुणों मालवी-निमाड़ी को पश्चिमी मध्यप्रदेश की दो अतिलोकप्रिय बोलियों मालवी और निमाड़ी को किसी पहचान की आवश्यकता नहीं है. यहाँ के बाशिंदे इनकी मिठास से भली-भाँति परिचित है. लेकिन कई अन्य बोलियों की तरह ये दोनों भी इन दिनों अपने आस्तित्व के लिए जूझ रही हैं. इस ब्लॉग पर मैंने मालवी और निमाड़ी को जीवित रखने और उसे आगे बढ़ाने का एक छोटा सा प्रयास किया है. मुझे जहाँ से भी उचित रचनाएँ मिलीं, मैंने उन्हें यहाँ प्रकाशित किया है. ...आगे पढ़ें... 

वळ नी गयो
डोरी बळई गई, पण ओको- वळ नी गयो। मसाण मऽ हाड़का गया- पण माथा पर को सळ नी गयो। थारो-म्हारो, ... Jitendra Jaiswal द्वारा 8 अप्रैल, 2009 1:02:00 PM IST पर पोस्टेड
फुल्डा बिन्न्ती तू चली
फुल्डा बिन्न्ती तू चली ओ लड़क्ली अपना पिताजी का बाग म , कछु बिनय कछु बिनवा हो लाग्या एत्रा म आया ... Jitendra Jaiswal द्वारा 9 सितंबर, 2009 12:59:00 PM IST पर पोस्टेड
शरणागति
प्रभु! हऊँ कईं करुँगा थारी शरणागति ली नऽ म्हारा सगळा दुश्मन तो- पयलऽज शरणागत छे थारा - हृदयेश ... Jitendra Jaiswal द्वारा 7 अगस्त, 2008 8:54:00 PM IST पर पोस्टेड
सावन रा दोहा
सावन रा सेरा शिरू, मण म्हारो हरसाय। म्हूँ भींगा बदन तरसूं, कद पिया घर आय॥ उड़ता-उड़ता बादला, पलक ... Jitendra Jaiswal द्वारा 8 अप्रैल, 2009 1:09:00 PM IST पर पोस्टेड
मालवा क्षेत्र की सीमा
भारत के अन्य राज्यों की भांति मालवा की भी राजनीतिक सीमाएं राजनीतिक गतिविधियों व प्रशासनिक कारणों से ... Jitendra Jaiswal द्वारा 14 फ़रवरी, 2008 7:24:00 PM IST पर पोस्टेड
पीजी कॉलेज के छात्र पढ़ रहे हैं मालवी का लोक साहित्य
मंदसौर। मंदसौर पीजी कालेज में मालव माटी की महक ने माहौल में अनूठी रंगत भर दी है। यहां पहली बार लोक ... Jitendra Jaiswal द्वारा 2 फ़रवरी, 2008 5:59:00 PM IST पर पोस्टेड
"मालवा' शब्द की उत्पत्ति
"मालवा तथा "मालया दोनों ही शब्द हमें विभिन्न साहित्यिक स्रोतों, अभिलेखों व सिक्कों में मिलता है। ... Jitendra Jaiswal द्वारा 7 फ़रवरी, 2008 9:01:00 PM IST पर पोस्टेड
तवा सा तमतमाता त्रास का दन
- नरहरि पटेल तवा सा तमतमाता त्रास का दन तरस का तिलमिलाता प्यास का दन तवे से तमतमाते त्रास के दिन ... Jitendra Jaiswal द्वारा 9 सितंबर, 2009 1:00:00 PM IST पर पोस्टेड
जिनगी का थपेड़ा मऽ
जिनगी का थपेड़ा मऽ हम तो भण्डई गया, सोच्यो कईं थो नऽ, हाल कईं हुई गया। खिल्यो-खिल्यो रूप थो, नऽ कसी ... Jitendra Jaiswal द्वारा 16 मई, 2008 2:10:00 PM IST पर पोस्टेड