सेळई दऽ मत न्हाटड,कुतरा जसो मत काटऽ।सपड़ा ईमान को मही नऽ घाट,हांडी दूसरा की मत चाटऽ।दूसरा नऽख उल्लू समजी नऽ,तू खोबऽ कानून मत छाटऽ।करी नऽ गलती धांय-धांय तू,दूसरा नऽ खऽ मत डाटऽ।रावण की सोना की लंका नी रई,तू घमंड मंऽ मत फाटऽ।वैतरणी नीरबदा खऽ फोड़ी नऽ महेशकपट ...
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