Welcome, Guest   [ Register | Sign In | Take a tour | Adult Filter: On ]

हाथ में गेती


हाथ में गेती
ने माथा पे तगारी
बाल मजूर।

अबे कां करें
मनक, मनक की
दुःख की बात।

रूप्या-पइसा
भरो-पूरो परबार
निराश्रत वी।

बालक मांजे
होटल में ठामड़ा
बूढ़ा भणे हे।

पेट काटीणे
औलाद के भणई
वो रोट नी दे।

अन्ना उगाय
सींचीणे परसीणो
भूख ती मरे।

-अशोक 'आनन' (नईदुनिया)

अस्वीकरण