सब में उको नूर समायो
सब में उको नूर समायो, थार में बी ने म्हार में बी,
उकी रेमत को सायो, थार पे बी, ने म्हार पे बी,
बादल्या बरसा किरपा उखी, मिलि रियो, दानो-पानी बी,
वणीए यो एसास करायो, थारे बी ने म्हारे बी।
वाट भलई अलग-अलग है, पण खून को रंग एक है,
वणीए खून नस-नस में दौड़ायो, थार में बी ने म्हार बी।
म्हे थार में रामजी के देखूँ, तू म्हार में रेमान देख,
वणीए अपणो अंस छुपायो, थार में बी ने म्हार में बी।
- अमितोष माथुर 'मीत' (नईदुनिया)

लोड हो रहा है...