Webdunia: Portal - Search - Mail - Greetings   More >>
Support | Font Download | Feedback
Search  
Welcome, Guest  [ Register | Sign In ]

हांडी दूसरा की मत चाटऽ


सेळई दऽ मत न्हाटड,
कुतरा जसो मत काटऽ।
सपड़ा ईमान को मही नऽ घाट,
हांडी दूसरा की मत चाटऽ।
दूसरा नऽख उल्लू समजी नऽ,
तू खोबऽ कानून मत छाटऽ।
करी नऽ गलती धांय-धांय तू,
दूसरा नऽ खऽ मत डाटऽ।
रावण की सोना की लंका नी रई,
तू घमंड मंऽ मत फाटऽ।
वैतरणी नीरबदा खऽ फोड़ी नऽ 'महेश'
कपट का कुआ सी पाणी मत लाटऽ।

-महेश साकल्ये (नईदुनिया)

अस्वीकरण