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मालवा क्षेत्र का विस्तार


भारतवर्ष की वह भौगोलिक इकाई, जिसे प्राचीनकाल में मालवा या मालव के नाम से जाना जाता था, वर्तमान में मध्यप्रदेश प्रांत के पश्चिमी भाग में २१#ं७' से २५#ं१' उत्तरी अक्षांश तथा ७३#ं४५' से ७९#ं१४' पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है। समुद्र तल से इसकी औसत ऊँचाई ४९६ मी. है। मालवा का उक्त नाम "मालव' नामक जाति के आधार पर पड़ा। इस जाति का उल्लेख सर्वप्रथम ई. पू. चौथी सदी में मिलता है, जब इस जाति की सेना ने सिकंदर से युद्ध में पराजित हुई थी। ये मालव प्रारंभ में पंजाब तथा राजपूताना क्षेत्रों के निवासी थी, लेकिन सिकंदर से पराजित होकर वे अवन्ति व उसके आस-पास के क्षेत्रों में बस गये। उन्होंने आकर (दशार्ण) तथा अवन्ति को अपनी राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनाया। दशार्ण की राजधानी विदिशा थी तथा अवन्ति की राजधानी उज्जयिनी थी। कालांतर में यही दोनों प्रदेश मिलकर मालवा कहलाये। इस प्रकार एक भौगोलिक घटक के रुप में "मालवा' का नाम लगभग प्रथम ईस्वी सदी में मिलता है।

साभार: अमितेश कुमार

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