Welcome, Guest   [ Register | Sign In | Take a tour | Adult Filter: On ]

5 अप्रैल, 2008


ब्लॉग्स (7)
धेला भर नी ओटला की आबरू सोयड़ा बठऽ। ईट-दगड़ा ओटला का पेट मँऽ सब चोरी का। घणो उच्चो छे घमंड को ओटलो बयड़ा जसो। ओटला कऽनी इज्जत कऽ समाळ अनमोल छे। रुखड़ा जसी ओटला की औकात लोटज कुत्रा पापड़ जसो ऊँचो-नीचो ओटलो बढ़ाँतो गचऽ - गोविंद सेन आगे पढ़ें...

सीदो सीदो चल्या करऽ। मत फोकट मऽ मर्‌या करऽ॥ मुश्किल सी यो जलम मिल्यो रे। अच्छा करम तु कर्‌या करऽ॥ खून कवं तक हमरो त्योगऽ। उप्पर वाला सी डर्‌या करऽ॥ चार दिन की चाँदनी छे। मत हवा मऽ उड्या करऽ॥ थारा दिन भी आई सकज रे। मत उनका पऽ हस्या करऽ॥ जिनकऽ तुनऽ कर्जो ... आगे पढ़ें...

कसो जमानो उल्टी आयो? बरसतो पाणी रोकऽ नी धरतीसी पाणी खैचऽ बीजली का बिल सारु बर्तन-भाँडा बेचऽ धरती की खूसबू छोड़ी नऽ लगावऽ अतर को फायो। कसो जमानो उल्टो आयो... गोरा-चिकना बेटा कऽ माय-बाप का चाटऽ बाप सीधी वात कय तो घर छोड़ी नऽ न्हाटऽ मयनतसी मुँडो मोड़ऽ कर्जा मऽ ... आगे पढ़ें...