सीदो सीदो चल्या करऽ।
मत फोकट मऽ मर्या करऽ॥
मुश्किल सी यो जलम मिल्यो रे।
अच्छा करम तु कर्या करऽ॥
खून कवं तक हमरो त्योगऽ।
उप्पर वाला सी डर्या करऽ॥
चार दिन की चाँदनी छे।
मत हवा मऽ उड्या करऽ॥
थारा दिन भी आई सकज रे।
मत उनका पऽ हस्या करऽ॥
जिनकऽ तुनऽ कर्जो दियो थो।
उनका नाव सी रड्या करऽ॥
जेल मऽ घट्टी दलनु पड़गऽ
मत लफड़ा मऽ पड्या करऽ॥
दुई नम्बर को माल कमई नऽ।
ढाई अक्षर समझी जा रे।
मत हमरा सी लड्या करऽ॥
जिनगी छे या हुई दिन की।
दीपक जसो बल्या कर!॥
- दीपक पगारे

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