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धेला भर नी ओटला की आबरू सोयड़ा बठऽ। ईट-दगड़ा ओटला का पेट मँऽ सब चोरी का। घणो उच्चो छे घमंड को ओटलो बयड़ा जसो। ओटला कऽनी इज्जत कऽ समाळ अनमोल छे। रुखड़ा जसी ओटला की औकात लोटज कुत्रा पापड़ जसो ऊँचो-नीचो ओटलो बढ़ाँतो गचऽ - गोविंद सेन