ॐकार! जय जय कार!
सरजनहार, तारणहार, पालनहार, ॐकार
ॐकार! जय जयकार।
दिल खऽ स्वागत मंच बणायो
मंगल भाव सी ओखऽ सजायो
मन को मोर खुसी मऽ गावऽ
अभिनंदन सौ बार
ॐकार! जय जयकार।
रेवा माँय! अज्ञान मिटइ दऽ
हम सबको अभिमान हटई द ऽ
खुलऽ ज्ञान को द्वार
खुलऽ कला को द्वार
ॐकार! जय जयकार।
तुम आया सौभाग हमारा
द्वार सुदामा कृष्ण पधार्या
साँस की बंसी सी कराँ हम
वंदन सौ-सौ बार
ॐकार! जय जयकार।
तुमणऽ आमंत्रण स्वीकार्यो
कृपा-दृष्टि सी हमखऽ सँवार्यो
सबको अपणोपण पाई नऽ
गदगद हृदय अपार
ॐकार! जय जयकार।
- मंगलेश मुजमेर

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