काळा-काळा बादळा,अई जा-अई जा बादळा।धरती करे हे पुकार,तू आवे क्यों नई रे।नद्दी नाळा सूकी ग्या,कुआ बी सूकी ग्या।बिन पाणी के तरसे लोग,तू बरसे क्यों नई रे।बाग बी सूकी र्या,जंगलना बी उजड़ी र्या।हर्यो-भर्यो नी हे चारी ओर,तू आवे क्यों नई रे।मोर बी तरसी ...
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