तू मस्ती म मत झूले रे गेल्या
खुद के खुद मत भूले रे गेल्या
बड़ा-बड़ा हुई गया ञ्याँ शैजादा
बड़ा-बड़ा राजा राज करिग्या
हीरा-मोरी जड्या ताज धरिग्या
फिर तू हे रे किणा खेत की मूळी
थोड़ो तो मन के छू ले रे गेल्या
तू मस्ती म मत झूले रे गेल्या
मनख है तो मनख बणि के रे
मनख सरिको काम करिजा
मतलब का तड़का म उबी के
क्यो बरफ सरिको घूले रे गेल्या
तू मस्ती म मत झूले रे गेल्या
राम ने मर्यादा को थारे पाठ पड़ायो
कृष्ण ने करमयोग सिखाड़्यो
मोहम्मद साब, ईशु, नानक ने थारे
पिरेम भर्यो नेक रस्तो दिखाड़्यो
धरमराज की धरम ताकड़ी म
नित नेम ती सब तुले रे गेल्या
तू मस्ती म मत झूले रे गेल्या
-बंशीधर 'बंधु'

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