Webdunia: Portal - Search - Mail - Greetings   More >>
Support | Font Download | Feedback
Search  
Welcome, Guest  [ Register | Sign In ]
खुणों मालवी-निमाड़ी को

पश्चिमी मध्यप्रदेश की दो अतिलोकप्रिय बोलियों मालवी और निमाड़ी को किसी पहचान की आवश्यकता नहीं है. यहाँ के बाशिंदे इनकी मिठास से भली-भाँति परिचित है. लेकिन कई अन्य बोलियों की तरह ये दोनों भी इन दिनों अपने आस्तित्व के लिए जूझ रही हैं. इस ब्लॉग पर मैंने मालवी और निमाड़ी को जीवित रखने और उसे आगे बढ़ाने का एक छोटा सा प्रयास किया है. मुझे जहाँ से भी उचित रचनाएँ मिलीं, मैंने उन्हें यहाँ प्रकाशित किया है. मैंने अन्य रचनाकारों की रचनाएँ साभार प्रकाशित की हैं. फिर भी अगर किसी को कोई शिकायत हो तो कृपया मुझे अवगत कराएँ. मेरा उद्देश्य सिर्फ यही है कि मालवी-निमाड़ी फले-फूले.

पोर्टल निर्माता Jitendra Jaiswal
अंतिम बार संशोधित 7 अगस्त, 2008 8:54:56 PM IST