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चैनल: मालवी-निमाड़ी गीत


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ब्लॉग्स (16)
एक ज्ञान की बात सुणाऊँ, जरा तुम सुणता जाजो रे,रस्तऽ चखतऽ मिलऽ सबई ख तुम कहेता जाजो रे,विद्या को तो मान घणो छे, विद्या धन महान छे,विद्या बिना तो मनुसन पशु, दुदई एक समान छे,चोर नी चोरऽ एखऽ, भाई नी पाड़ऽ एमऽ वाटो रे,जेतरी खरचो दूणी बढ़ऽ, पड़ऽ नी एमऽ घाटो ... आगे पढ़ें...

रस्तऽ चलतऽ वात हुई गईमोबाइल पऽ वात हुई गईसुणी संदेसो मन हरखायोमन किलोल-कुचमात हुई गईप्यार-मिलन को वायदो हुयोतय बी टेम संगात हुई गईमन को पंछी उड्यो फड़फड़ीजाणुं वाड़ी की वाट हुई गईसपना डोला न मऽ सजायाफेरा पड्या वरात चली गईडोली इदाई की उठी गईघर जाति जमात चली ... आगे पढ़ें...

पन्नी पन्नी थैलियों नऽ कचरा को अम्बार जगह जगह उबरईऽ रह्‌यो परदूषन पहार चरी चरी नऽ मरी रिया बेचारा ढोर ढंकार उजड़तो उजड़तो जईऽ रयो हर्‌यो भर्‌यो संसार सुआगत करअऽ मौत को यो सजतो तोरणद्वार पन्नी पन्नी थैलियाँ नऽ कचरा को अम्बार। लाल हरी काली धौली जगऽ जगऽ ह ... आगे पढ़ें...

खाली-खाली गोद भरी दी, जनम लई ने म्हने जी, जी, तो म्हारी फूली समई गी, गाल बको तम बाबूजी, नानी जनम को नाम सुनी ने, कँई करो ओ बाबूजी। नाना-नाना पगलिया लई ने, जी से तमार तक आऊँजी, लाड़-दुलार तो करो नी, ने चाँटो मारो बाबूजी, म्हन्नो तमारो कँई बिगाड़ियो, कँई करो ... आगे पढ़ें...

नानी सी उमर में मांडो, मत करो म्हारा दायजी, बीरा म्हारा मायजी ने, सगला मनक गामजी। नानी सी... उमर घणी ने काची-काची, भणवा जउमाँ दायजी, लोक-लाज बी राखूँ थारी, मान बड़ऊमाँ दायजी। नानी सी... कांचा-पंचा हू बी खेलूँ, लँगड़ी कुदूँ मायजी, समझ नेठुई नी हे म्हारे, ... आगे पढ़ें...

आवो आवो माय गणगौर, धन भाग हमारा। खुल्या खुल्या सबई दरबार, खुल्या घर बार सारा॥ कंकू लगावां, चौखा चढ़ावां, कापड़ो नारियल बधावाँ, कराँ अरज घणी थारी, माय तू खऽ पाटऽ बठाड़ाँ, ननदी जावाँ, ढोल बजावाँ कराँ घणा सिंगार तुम्हारा। अईज बईण पीयर मऽ, द्वार-द्वार खोब ... आगे पढ़ें...

लावाँ-लावाँ रे गणगौर म्हारा घर रणुबाई खऽ लावाँ॥ म्हारा घर... लीपाँ-छाबाँ घर अंगणा खऽ सोरा सैरी गली अंगणा खऽ लावाँ रणुबाई वाट हार॥ म्हारा घर... ढोली बाबा ढोल बजा रे मंग्या दाजी ढोल बजा रे सब बोलो जै जैकार॥ म्हारा घर... जल-नरबदा-सी पाँय पखाराँ पेली चूँदड़ी ... आगे पढ़ें...

सेळई दऽ मत न्हाटड,कुतरा जसो मत काटऽ।सपड़ा ईमान को मही नऽ घाट,हांडी दूसरा की मत चाटऽ।दूसरा नऽख उल्लू समजी नऽ,तू खोबऽ कानून मत छाटऽ।करी नऽ गलती धांय-धांय तू,दूसरा नऽ खऽ मत डाटऽ।रावण की सोना की लंका नी रई,तू घमंड मंऽ मत फाटऽ।वैतरणी नीरबदा खऽ फोड़ी नऽ महेशकपट ... आगे पढ़ें...

रई रई के म्हारे हिचक्याँ अ इरी हेलजवन्ती तू ने याद कर्यो होगाथारे बिन मोसम निरबंसी लागेतू हो तो सूरज उगनो त्यागेम्हारी आँख्यां भी राती वईरी हेतू ने उनमें परभात भरयो होगासुन लोकगीत का पनघट की राणीथारे बिन सूके (सूखना) पनघट को पाणीफिर हवा,नीर यो काँ से लईरी ... आगे पढ़ें...

बीत्यो जूनो साल अब हुवो नवा बरस को आगमन। गया बरसे की कराँ विदाई, और नवा को अभिनंदन॥ गया बरस... किने हँसायो किने रुलायो, आगे जरा हिसाब कराँ। उजड़्‌या हुआ चमन में कोई खिलतो तको गुलाब धराँ। आओ मिलने खुशियाँ रोपाँ, और लगावाँ मधुबन। गयो बरस... दीन-दुःखी से ... आगे पढ़ें...

नवा नवा छोरा नऽ की, नवी नवी बात चार किताब ऽ काई भणी गयो घणोजऽचेन्दराजऽ। खाटलाप ऽ बठी न ऽ रोटा मचकाबज नखराली बैरो सरको नखरा बतावजऽ अवन्दो सवन्दो बोली नऽ खुबज ऽ उतमाजऽ। काई मालुम कन्यागसी कई आयोफटफटी बैरोखऽबठाडी न ऽ लईजजऽखरगुण को बजार नान्हा नान्हा लेकरु ... आगे पढ़ें...

बरवत इतरो बुरो तो नी है...अब बी तितल्याँ उड़े हैंनाना-नानी इसकूल जाइ र्‌या हैबद्दल बरसे हैऔर नद्दी भी ऊँडी कम है पन बेती जइरी हैअपणे बस थोड़ो और करनो हैजाणों है वणां मनखाँ की बस्ती मेंजिणको जीवन अबे बी बदहाल हैविकास नी पोंच्यो है आखरी आदमी तकभेदभाव अब बी है ... आगे पढ़ें...

अपणो घर मत फोड़ो रे, मत माय-बाप खऽ छोड़ो रे सरम जरा सी राखो तम, मत बेसरमी चादर ओढ़ो रे। अपणो घर मत फोड़ो रे॥ माय-बाप छे जान सी प्यारा, हम उनकी छे आँख का तारा। दिल उनको मत तोड़ो रे, अपणो घर मत फोड़ो रे। कसा उननऽ हमखऽ उछार्‌या, ई वात नऽ खऽ कदी मन मँऽ विचार्‌या? ... आगे पढ़ें...

जिनगी को एक पळ नी ठिकाणो, जायगऽ अंधों, बयर्‌यो नऽ काणो। हाथ-पांय जेखऽ दिया सलामत, मरनूं ओखो बी पक्को जाणो। बईमानी खऽ नातरऽ बठाड़ी नऽ, ईमानदारी को लई आओ आणो। दुख को घाम कदी नी चोटऽगऽ, सद्गुण कापड़ा को तंबू ताणों। सरी खऽ अच्छो राखणूं होयतो, पयलऽ पेणऽ का पाणी ... आगे पढ़ें...

म्हारा आँगणा म आ रे कागा पियर को हला सुणा रे कागा चाँदी की थणे चोच घड़व्वा ने हीरा हुण की थणे आँख्या पीतल का थणे घड़व्वा ने सुन्नाा की थणे पाँख्या म्हारा आँगणाम आ रे कागा पियर का हाल सुणा रे कागा मूँगा की थणे खीर खड़व्वा ने मोती हुण का थणे-मेवा माखन ने ... आगे पढ़ें...

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