मंदसौर। मंदसौर पीजी कालेज में मालव माटी की महक ने माहौल में अनूठी रंगत भर दी है। यहां पहली बार लोक साहित्य पढ़ाया जा रहा है। इसमें जाने-माने मालवी साहित्यकारों की रचनाएं नई पीढ़ी की जबान पर आ रही हैं। रामाजी रईग्या ने रेल जाती री... और चटक म्हारा चंपा.. ...
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