नाम अमरसिंग रखवा से कोई अमर नी होए, मनख जिंदगी में आज मरिया ने कल दो दिन होए। आँख पे पट्टी बाँधवा से जमानो अंधों नी होए। एक बनिया का नी आवा से, हाठ मंदों नी होए। जादू बोले माथे चढ़के, पाप बोले मगरा चढ़के, इश्क और मुश्क की आग बुझावा से और भड़के देखादेखी करवा ...
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