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चैनल: कविताएँ


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ब्लॉग्स (38)
शिक्षाफूल का खिलने से, खुशबू बिखरी जावे है।चाँद का निकलने से चाँदनी निखरी जावे है।तेवहारहमारी संस्कृति की धरोहर है ई तेवहार।भागमभाग में जीवन हुई गयो दुसवार।मिलवा-जुलवा की फुरसत किने है आजकल,ई तेवहार ईज तो, भेला करे है परिवार॥कैसो जमानोबात-बात पे हादसो, ... आगे पढ़ें...

भिनसरे-उठवा को जमानो गयोदेर से जगने को जमानो आयो नयोअबे सासू पेला उठे, बऊ जागे सासू का बादक्यूँ कि बहू देखे टीवी आदी आदी रातमुंडा-हात धोवा का पेला बऊ-बेटा बिस्तर में चाय पीवेसासू बापड़ी बनई ने धरे-ससरो देखी ने मुंडो सीवेबबूल नीम की दातून अब अई-गई हुई गई ... आगे पढ़ें...

जदे कोई अपणा से केवे-चालो कथा-भागवत सुणवा चालाँतो अपण केवाँ- टेम कोनी।जदे कोई अपणा से केवे-चालो सिनेमा देखवा चालाँतो अपण केवाँ-चालो-चालो टेम नी हुई जावे।-कांतिलाल ठाकरे (नईदुनिया) आगे पढ़ें...

1)नीरी री...नीरी रीघर में आटो पीसी रीनानो खाए रोटी बाटीसककर की तो तीन-तीन आँटीनीरी री...नीरी रीनानो पेने (पहने) झबला धोतीहाथ में कंगन गला में मोतीनीरी री नीरी री२)सोना की गाडी़ पेनानो घूमे साथी-संगी,नाचे झूमेनाना के माथा पे लाल टोपीमाँ बई माथो चूमेनाना का ... आगे पढ़ें...

जिके डुबकी लगाता नीं आवे,ऊ मोती लाणों कईं जाणेजिने देखी नीं टूटी नाव कदी , ऊ पार लगाणों कईं जाणेहे बायर(बाहर)ऊजळो बगळा सो, भीतर काजळ सरको काळोकूदी कूदी ने भाषण दे, घर में पिये दारू को प्यालोजिके अपणों नी हे खुद काँ,ऊ बाट(राह) बताणों कईं जाणेकुर्सी का मद ... आगे पढ़ें...

सब में उको नूर समायो सब में उको नूर समायो, थार में बी ने म्हार में बी, उकी रेमत को सायो, थार पे बी, ने म्हार पे बी, बादल्या बरसा किरपा उखी, मिलि रियो, दानो-पानी बी, वणीए यो एसास करायो, थारे बी ने म्हारे बी। वाट भलई अलग-अलग है, पण खून को रंग एक है, वणीए ... आगे पढ़ें...

अपणी ढपली नऽ अपणी राग अलापज लोग, आधा गाँव मऽ होली नऽ आधा मऽ दिवाली मनावज लोग। जनता की भलई की वो वात नऽ बड़ी-बड़ी करज, माथ अई जावऽ तो मुंडो छिपावज लोग। सच्चई देखी भी ल्यो तो मत बोलजो तम काकाजी, फंदा मऽ वो उनका गरीब का फसावज लोग। चुनाव का टेम आवज नेता बरसाती ... आगे पढ़ें...

लक्कड़ जसो बळई जायगऽ मर्‌यो की सब तूखऽ लई जायगऽ तीन कुंटल लाकड़ा थारो सोय बाँदी देगऽ, कर्‌यो घमंड तो माटी जसो कलई जायगऽ धापेल बामण नऽ भूक्या किरसाण सी नी बोलनूँ नईं तो बेमन सी उल्टो-सीदो बोलई जायगऽ लई जायेल कासट सी जवँऽ जगरो चतऽगऽ देखतऽ देखतऽ तू आवखो बळई ... आगे पढ़ें...

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